11 मई 2018

Aadab-e-Masjid

Masjid ke aadab

Aadab-e-Masjid


*HADIS-*
Logo Par 1 Zmana Aysa Aaega Ki Msajid Me
Dunya Ki Baate Hongi
Tum Unke Saath Mat Betho Ki Unko
ALLAH Se Kuch Kaam Nahi
(SHU'ABUL IMAN Jild 3 Page 87 Hadis 2962)


Masjid Me Bhi Ibaadat Kre Toh Aadabe Masjid Ka Khyaal Rakhe
Kahi Aisa N Ho Ki Thodi Bahot Ibaadat Kar Ke Fir
Masjid Hi Me Dunya Ki Baate,Hasi Mzaak Vagerah Shuru Kar De
Aur Yoo Nekiya Kmaane Ke Bjaae Nekiya Ghuma De

Hadise Paak Me Hai:
Masjid Me Hasna Qabr Me Andhera Laata Hai
(AL JAAMIUS SAGIR Page 322 Hadis 5231)

Masjid Me Mubaah(Yaa'ni Jaiz) Baat Karna
Makruhe(Tahrimi)Hai
Aur Nekiyo Ko Khaa Jaata Hai
(MIEQATUL MFAATIH Jild 2 Page 449)


आदाबे मस्जिद


हदीष-
लोगो पर एक जमाना ऐसा आएगा की मसाजिद में दुन्या की बाते होंगीं
तुम उनके साथ मत बैठो की उनको *अल्लाह* से कुछ काम नही
(शुअबुल इमान जिल्द 3 पेज 87 हदीष 2962 )

मस्जिद में भी इबादत करे तो आदाबे मस्जिद का खयाल रखें
कही ऐसा न हो कि थोड़ी बहोत इबादत कर के फिर
मस्जिद ही में दुन्या की बाते,हंसी मजाक वगैराह शुरू कर दे
और यु नेकिया कमाने के बजाए नेकिया घुमा दे

हदीषे पाक में है
मस्जिद में हंसना क़ब्र में अंधेरा लाता है
(अल जामीउस सगीर पेज 322 हदीष 5231)

मस्जिद में मुबाह (यानी जाइज़) बात करना मकरुहे। (तहरीमी) है
और नेकियों को खा जाता है
(मिअक़ातुल मफ़ातीह जिल्द 2 पेज 449)

गुज़ारिश
इन मेसेजिस को दुसरो आम कीजिये